बुधवार, 18 सितंबर 2019

क्यों है गुनगुना पानी अमृत

जापानी चिकित्सकों ने यह प्रमाणित किया है कि गुनगुना पानी पीने से स्वास्थ्य समस्याओं में शतप्रतिशत फायदा होता है। उदाहरणतः- - माइग्रेन ।- हाई बीपी । - लो बीपी । - जोड़ों का दर्द । - दिल की धड़कन अचानक बढ़ना या कम होना। - मिर्गी । - कोलेस्ट्रोल लेवल वृद्धि। - कफ़। - शारीरिक असुविधा (बौडिल्य डिस्कम्फर्ट)। - गठिया रोग। - अस्थमा। - काली खांसी। - नस अवरोध (ब्लॉकेज ऑफ़ वेइन्स)। - गर्भाशय और मूत्र संबंधी रोग। - पेट की समस्या। - अपर्याप्त भूख (पुअर एपेटाइट )। - आंख, कान और गले से संबंधित समस्त रोग। - सिरदर्द।

सुबह-सुबह गुनगुना हल्दी वाला पानी पीने से दिमाग तेज होता है.- यदि आप रोज हल्दी का पानी पीते हैं तो इससे खून में मौजूद गंदगी साफ होती है। - लीवर की समस्या से परेशान लोगों के लिए हल्दी का पानी किसी औषधि से कम नहीं है। - हार्ट की समस्या से परेशान लोगों को हल्दी वाला पानी पीना चाहिए। लहसुन और शहद का सेवन बनाता है शक्तिशाली । - हल्दी पानी खून को गाढ़ा होने से बचाता है जिससे हर्ट अटैक की संभावना काफी कम हो जाती है। - हल्दी के पानी में शहद और नींबू मिलाकर पीने से यह बॉडी में मौजूद विषैले कणों को निकाल देता है और इसे पीने से शरीर पर बढ़ती हुई उम्र का असर नहीं पड़ता है। - हल्दी में मौजूद रेडिकल्स सेहत और सौर्दय को बढ़ाते हैं।

पाचन सुधारे। २) कब्‍ज दूर करें, कब्‍ज के लिए तत्‍काल उपाय। आंत को प्रोत्‍साहित कर मल त्‍यागने में मदद करता है। ३) लसीका प्रणाली की सफाई में मददगार। ४) सांसों की बदबू को तुरंत दूर करने में मददगार। ५) शहद में बहुत ही शक्तिशाली एंटी-बैक्‍टीरियल के गुण होते हैं। कई प्रकार के संक्रमण को दूर करने की क्षमता। ६) शरीर में ज्यादा एनर्जी उत्पन्न होने से शरीर का मेटाबॉलिज्म और कार्यप्रणाली में भी वृद्धि। ७) वजन घटाने में मददगार। भूख कम लगती है। यह भूख की इच्छा और शूगर लेवल को कम करके पर्याप्त एनर्जी प्रदान करता है। ८) त्‍वचा के लिए लाभकारी। ९) पोषक तत्वों और विटामिन से भरपूर, कई जरूरी एंटी-आक्सीडेंट, विटामिन और पोषक तत्व, एंटी इफ्लेमेंटरी गुणभी मौजूद। १०) रोग प्रतिरोधी क्षमता में मजबूती। शहद और नींबू में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और कई पोषक तत्व शरीर को मौसम बदलने के साथ होने वाले संक्रमणों से दूर रखने में मदद रखता हैं।

शुक्रवार, 13 सितंबर 2019

पानी की कमी क्यों होतीं, कैसे दूर करें

पानी कितना पियें

सामान्यतः शरीर के लिए आवश्यक पानी की मात्रा, शारीरिक संरचना, चयापचय (Metabolism), आहार, जलवायु और कपड़ों जैसे कई कारकों पर निर्भर करती है।
चिकित्सा संस्थान के अनुसार, वयस्क पुरुषों और महिलाओं को प्रति दिन क्रमशः 3.7 और 2.7 लीटर पानी पीना चाहिए।

  1. पानी की कमी के लक्षण
  • मूत्र न आना या अत्यधिक गहरे रंग का मूत्र होना। 
  • बहुत शुष्क त्वचा।

    1. चक्कर आना।
    2. धड़कनों का तेज़ होना।
    3. तेज़ी से सांस लेना।
    4. धंसी हुई आंखें।
    5. जरुरत से ज्यादा नींद आना , ऊर्जा की कमी, भ्रम या चिड़चिड़ापन महसूस होना।
    6. बेहोशी आना।
    शिशुओं और छोटे बच्चों में वयस्कों की तुलना में अलग प्रकार के लक्षण अनुभव होते हैं।
    1. मुंह और जीभ सूखना।
    2. रोते वक्त आंसू न आना।
    3. 3 घंटे बाद भी डायपर (Diaper) सूखा होना।
    4. धंसी हुई आंखें, गाल, सिर पर हल्के हल्के निशान होना।

    निर्जलीकरण को रोकने के लिए कम से कम रोज़ 1.5 लीटर पानी पियें लेकिन कभी भी एक बार में इतना पानी न पियें। इसके अलावा अन्य तरल पदार्थ (सूप, ताजे फलों का रस, नींबू पानी) और जल से परिपूर्ण आहार जैसे सलाद और फलों का सेवन करें। 
    लेकिन अगर आप निर्जलीकरण के शिकार हो गए हैं तो इसका इलाज करना अति आवश्यक है। इसके इलाज के कुछ उपाय इस प्रकार हैं :

     निर्जलीकरण का इलाज-

    1. तरल पदार्थों के सेवन जैसे पानी, सूप, ताजा रस और ताजा नारियल पानी आदि से स्वयं को रिहाइड्रेट कर सकते हैं। इसके अलावा ताजे फल और सलाद भी खायें। 
    2. कॉफी, चाय और कार्बोनेटेड पेय से बचें क्योंकि ये मूत्रवर्धक (Diuretics) हैं जो शरीर से पानी निकालते हैं। 
    3. थोड़ी थोड़ी मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन करें। यदि आप उल्टी कर रहे हैं तो एक बार में अधिक मात्रा में पानी की बजाय कम मात्रा में तरल पदार्थ लें।
    4. मीठे और नमकीन खाद्य पदार्थों का सेवन करें। इससे शरीर में शर्करा और नमक की कमी दूर होती है।
    5. ओआरएस (ORS) का प्रयोग करें। ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन (Oral rehydration solution) आपको रिहाइड्रेट करने में मदद करता है। इस घोल में सोडियम और पोटेशियम लवण के साथ स्टार्च और ग्लूकोज भी होता है जो आपके शरीर के तरल पदार्थों को संतुलित रखने में मदद करता है। ओआरएस घोल दवा की दुकानों पर उपलब्ध होता है।